क्या आप जानना चाहते है कि SEO Kya Hai और अपने ब्लॉग को गूगल में रैंक कैसे करें तो आज मैं आपसे SEO क्या है और SEO कैसे करते हैं यह इस पोस्ट में बताऊंगा। बहुत से लोगों ने SEO का नाम तो जरूर सुना होता है लेकिन वह यह नहीं जानते है कि SEO क्या है।

लोग Blogging करना तो शुरू कर देते है लेकिन SEO का पता ही नहीं होता है। हाँ आपको Blogging की शरुआत में SEO पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है लेकिन Blogging की शरुआत से ही SEO के बारे में सीखना जरूरी है। जिससे जब भी आप अच्छी तरह से Blogging करें तो आपको SEO की पूरी जानकारी हो।


SEO ब्लॉगिंग एक महत्वपूर्ण भाग है।


Blogging में आपको शरू से लेकर अंत तक आपको SEO की जरूरत होती है। SEO अब पहले की तरह नहीं है। 


पहले SEO इतना मायने नहीं रखता था क्यूंकि Blogging में इतने Blogs नहीं थे। इससे होता यह था कि Google के पास लोगों को देने के लिए कम कंटेंट होता था और उसे मजबूरन कंटेंट के SEO फ्रेंडली न होते हुए भी उसे रैंक करना पड़ता था। 


लेकिन अब ऐंसा नहीं है। अब Google के पास दिखाने के लिए बहुत ही ज्यादा कंटेंट है। इसलिए सारे लोग Google के पहले  पेज पर आने  के लिए SEO का सहारा लेते है। 


यहाँ पर Google में एक अच्छे कीवर्ड पर रैंक करने का मतलब है कि एक बड़े अमाउंट में ट्रैफिक और यदि किसी के ब्लॉग पर ट्रैफिक आने लगता है तो उसकी कमाई भी  बहुत ही ज्यादा होती है। 




SEO Kya Hai (SEO क्या है)


SEO Kya Hai

SEO Kya Hai - SEO का मतलब होता है Search Engine Optimization. किसी भी Search Engine में अपनी Site या Blog Post को अच्छी ranking पर लाने के लिए जिस तरह से इनको Optimize किया जाता है उसको SEO कहते हैं।

यहाँ पर SEO तीन प्रकार से किया जाता है White Hat SEO, Black Hat SEO, Grey Hat SEO और Negative SEO


गूगल के अपडेट बाद अब Black Hat SEO नाम की कोई चीज भी थी यह कहना मुश्किल है। आज Google बहुत एडवांस और स्मार्ट है। वह आराम से पता लगा लेता है कि कोनसा SEO Black Hat है और वह इस तरह की साइट्स को रैंक नहीं करता है। 


हम जिस SEO की बात कर रहें है वह है White Hat SEO और आज के वक्त में इसकी ही अहमियत है। 

SEO करना मुश्किल बात नहीं है लेकिन आपके कंपीटीटर से अच्छा SEO करना मुश्किल है और आपने जब आपके कंपीटीटर से अच्छा SEO कर दिया तो आप रैंक कर जायेंगे। 

Google, Yahoo, Bing, Yandex कोई भी सर्च इंजन हो आपको उसमें रैंक करने के लिए SEO की आवश्यकता होती है लेकिन Google दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाला सर्च इंजन है। 


और इसकी 99 प्रतिशत सम्भावना है कि आप भी Google का ही इस्तेमाल करके मेरे इस ब्लॉग पर आये होंगे। तो इसलिए आज में आपको SEO करना Google से सिखाऊंगा। 


ज्यादातर सर्च इंजन के SEO फैक्टर्स एक से ही होते है। SEO सभी सर्च इंजन के लिए एक से होते है लेकिन हर सर्च इंजन के सीक्रेट रैंकिंग फैक्टर्स होते है जो कि किसी को भी पता नहीं होते है और यह बदलते रहते है। 

SEO सीखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप SEO की सारी दुनिया से अपडेटेड रहें। 

आपको SEO की सारी टेक्नीक्स पता हो। आपको Google के अपडेट पता हों। आपको SEO और Google रैंकिंग्स के बेसिक्स पता हों। आपको पता हो कि Google Algorithm कैसे काम करते है।


SEO क्यों करते हैं?

SEO की जरूरत हमें इसलिए होती है कि क्यूंकि हम Blogging कर रहे होते है या कोई साइट रन कर रहे होते है। लेकिन यहाँ पर Blog या Website बना लेने से कुछ नहीं होता है। 

उस blog या site पर ट्रैफिक भी आना चाहिए और Blog या site पर ट्रैफिक लाने के कई तरीके होते हैं सर्च इंजन, सोशल मीडिया, Advertisement या ईमेल लेकिन यहाँ पर जो सबसे आसान और अच्छा तरीका है वह है सर्च इंजन। 


SEO का उपयोग करके हम अपने ब्लॉग को गूगल या अन्य सर्च इंजन में रैंक करते है और अपने Blog या Site पर ट्रैफिक ला सकते है। अपने ब्लॉग से पैसे कमाने के लिए सबसे जरूरी है कि आपकी site या आपके Blog पर ट्रैफिक हो। 



SEO काम कैसे करता है?

यहाँ पर पहले Google काम करता है और वह यह डिसाइड करता है तो उसे किस वेबसाइट या ब्लॉग को किस कीवर्ड पर कहाँ पर दिखाना है। 

यह डिसाइड करने के लिए गूगल कुछ Algorithm का सहारा मिलता है। हम Google के इन्हीं Algorithm को फॉलो करके अपने ब्लॉग या वेबसाइट का SEO करते हैं। 


यदि कोई ब्लॉग किसी कीवर्ड को टार्गेटेड हो और वह Google Algorithm को अच्छी तरह से फॉलो करता है मतलब कि अच्छी तरह से SEO करता है तो Google उसे रैंक करता है। 


Google किसी ब्लॉग या साइट को रैंक करते वक़्त Comparison करता है एक ब्लॉग का दुसरे ब्लॉग के बीच और जिस Blog का SEO अच्छा होता है वह रैंक कर जाता है। 


अब जब किसी का ब्लॉग रैंक कर जाता है तो Google User Activity को मॉनीटर करता है। वह यह देखता है कि उस साइट पर जाने वाला User कितने समय तक रुकता है और उस ब्लॉग की अन्य कितनी पोस्टों को पढता है। यदि यूजर उस ब्लॉग पर ज्यादा समय तक नहीं रुकता है और बैक करके गूगल में आता है तो इसको बाउंस बैक कहते है। 


यदि बाउंस बैक ज्यादा हो जाता है तो अच्छा SEO होने के बादजूद आपका ब्लॉग रैंक नहीं होगा। यदि आपके ब्लॉग का बाउंस रेट बहुत ही काम होगा तो आपका ब्लॉग जल्दी रैंक करेगा। 


बाउंस बैक होने का सबसे बड़ा कारण है कि आपका ब्लॉग का कंटेंट अच्छा नहीं है और आपके ब्लॉग का यूजर इंटरफेस बिलकुल भी फ्रेंडली नहीं है।



SEO के प्रकार कितने हैं?

SEO मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है और इसके अलावा आपको और कहीं समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। इनको मैंने अपने हिसाब से बांटा है जिससे कि आपको समझने में परेशानी न हो।

1. Technical SEO

लोग confuse हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि On Page SEO, और Technical SEO एक ही है लेकिन इनमें अंतर है।

Technical SEO आपकी साइट पर तो होता है लेकिन थोड़े टेक्निकल रूप से। इससे आपकी पूरी साइट और पूरे पेज effect होते हैं।


वह SEO जो कि आपकी पूरी site पर किया जाता है मतलब जो SEO Content (यानि Pages या Blog Post के) पर नहीं किया जाता है और न जिसमें content affect होता है Technical SEO कहलाता है।


Technical SEO किसी particular page को effect करने की बजाये आपके पूरे blog और पूरे pages affect करता है।


इसमें XML Sitemap सबमिट करना, Robots.txt सेटिंग करना, SSL Certificate (https) लगाना, Permalink Structure, Mobile Responsiveness, आदि काम आते हैं।


Blogging की जानकारी के लिए यह पोस्ट भी पढ़ें: 




2. On-Page SEO

On-Page SEO का मतलब होता है कि वह SEO जिसमें आपकी सिर्फ आपके साइट या ब्लॉग का उपयोग होता है मतलब जो भी होगा वह सिर्फ आपकी साइट पर होगा। 

इसमें आपको किसी अन्य साइट की जरूरत नहीं होती है। यह SEO तब किया जाता है जब आप ब्लॉग बना रहे होते है या ब्लॉग पोस्ट कर रहे होते है। 


आप बाद में जरूरत आने पर On-Page SEO Blog या Blog Post को एडिट करके ठीक तरह से कर सकते है। इसका मुख्य काम Blog पोस्ट पब्लिश करते ही खत्म हो जाता है।


Blogging की जानकारी के लिए यह post पढ़ें



3. Off-Page SEO

इसका काम शरू होता है आपकी साइट को लांच करने के बाद या आपकी Blog Post को पब्लिश करने के बाद और इसके गूगल में इंडेक्स हो जाने के बाद। 

इसमें आपको अपने ब्लॉग या पोस्ट पर कोई काम नहीं करना होता है। आपको इसमें बस आपके ब्लॉग या पोस्ट के Url की जरूरत होती है। 


यदि आपकी पोस्ट या साइट google में index नहीं हो रही ही तो यह करना बहुत फायदेमंद हो सकता है।


SEO Kaise Kare

अगर आप परफेक्ट तरीके के SEO करना चाहते हैं तो आपको तीनों प्रकार से SEO करना होगा। सभी तरह के SEO करने का तरीका यह है

Technical SEO Kaise Kare

SEO की शरुआत तो तब ही शुरू ही जाती है जब आप अपने ब्लॉग बना रहे होते है तो आप अपने ब्लॉग को इन चीजों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन करें। 

1. SEO Friendly Domain इस्तेमाल करें

वैसे तो कोई भी डोमेन SEO फ्रेंडली ही होता है। लेकिन आज के वक्त में जो लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते है वह कुछ ही डोमेन नेम को वेबसाइट समझते है जैसे कि .com, .net, .org, आदि और दुनिया की ज्यादातर साइट इन्ही डोमेन का इस्तेमाल करती है। यह ग्लोबल डोमेन कहलाते है। 

यदि कोई साइट किसी स्पेसिफिक कंट्री को टारगेट कर रही होती है तो वह कंट्री स्पेसिफिक डोमेन को इस्तेमाल करती है जैसे कि India के लिए .in, United States के लिए .us, United kingdom के लिए .uk, Russia के लिए .ru आप यह देख सकते हैं कि आप देख सकते है कि यह डोमेन कंट्री के नाम के रेलेटेड है।


आप यदि पूरी दुनिया को टारगेट करके ब्लॉग बना रहे है तो आप ग्लोबल डोमेन का  इस्तेमाल करें और यदि आप किसी कंट्री को टारगेट कर रहे हैं तो आप कंट्री स्पेसिफिक डोमेन के साथ ब्लॉग शुरू करें। आप इनके अलावा किसी अन्य डोमेन नेम का इस्तेमाल न करें। 

2. अच्छी Hosting इस्तेमाल करें

यदि आपका ब्लॉग ब्लॉगर पर है तो आपको होस्टिंग की जरूरत नहीं है क्योंकि ब्लॉगर फ्री और अनलिमिटेड होस्टिंग देता है। लेकिन यदि आपका Blog वर्डप्रेस पर है तो आपको होस्टिंग की जरूरटी है। 

आपको शुरुआत में ज्यादा महंगी होस्टिंग खरीदने की जरूरत नहीं है क्योंकि आपके ब्लॉग पर इस वक्त ट्रैफिक ना के बराबर है। जैसे जैसे आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक बढ़ने लगे आप होस्टिंग भी अच्छी करने लगें।


आपको अच्छी होस्टिंग खरीदने की जरूरत इस लिए है क्योंकि इस पर लोड टाइम बहुत ही डिपेंड करता है। 

यदि आपका ब्लॉग कंट्री स्पेसिफिक है तो आप होस्टिंग भी कंट्री के ही सर्वर से खरीदें।


3. Page Speed कम करें

Page Speed SEO को बहुत अधिक affect करती है। इसलिए आप इसे जितना कम हो सके उतना कम करें।

इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने blog के लिए light weight theme इस्तेमाल करें। Page Speed में आपकी hosting बहुत मायने रखती है।


Page Speed कम करने की जानकारी के लिए यहाँ click करें।

4. ब्लॉग का Architecture SEO फ्रेंडली रखें

आपके blog या site का architecture बहुत मायने रखता है। अगर User को आपके blog का architecture पसंद नहीं आएगा तो google भी उसे पसंद नहीं करेगा।

जैसे आपके blog में header, footer, sidebar और body अच्छी तरह से optimize हो, आपके blog में scrolling smooth हो, content भी smooth तरीके से load हो।

आप nevigation को आसान बनायें। जरूरी widgets लगाएं।

इसके लिए आप कोई अच्छी theme इस्तेमाल कर सकते हैं।


5. Blog को Optimize करें

Blog को Optimize करने से मेरा मतलब है कि आप Blog के title को optimize करें, meta description, tags आदि को भी optimize करें।

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आपको यह तो बता दिया है कि Technical SEO क्या है। तो आपको आपकी Site का अगर Technical SEO करना है तो आपको यह काम करने होंगे।


6. Optimize Robots.txt

अगर आप अपने domain के पीछे /robots.txt (example: howtoall.in/robots.txt) सर्च करेंगे तो आपको आपके domain का Robots.txt दिख जायेगा।

इसका काम है कि आपके blog या site पर crawler की activity को कंट्रोल करना। इससे आप अपने ब्लॉग को google में index करा सकते हैं या इंडेक्स होने से रोक सकते हैं।


7. HTTPS इस्तेमाल करें (SSL Certificate)


domain दो  तरह के होते हैं एक http के साथ और दूसरा https के साथ। Google ने साफ़ कहा है कि वह HTTPS वाले domain की site को अच्छी रैंकिंग देगा। इसी लिए यह जरूरी है।



SSL का Certificate होने से आपकी साइट अधिक secure हो जाती है।


यह  free भी मिलता है या आप इसे खरीद सकते हैं।


8. Mobile Friendliness को बढ़ाएं


Mobile Friendliness होना आपके ब्लॉग को रैंक कराने के लिए सबसे जरूरी है। इसका कारण यह है कि आज के वक्त में ज्यादातर लोगों के पास मोबाइल है और ज्यादातर searches mobile से ही होती हैं।



तो google desktop friendliness से ज्यादा Mobile Friendliness पर ध्यान देता है। mobile में content show करने के लिए कम जगह होती है इसलिए mobile view में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए आप अपनी site को मोबाइल में open करें और खुद analys करें।



आप इसके लिए Google Search Console के Mobile-Friendly Test का सहारा ले सकते हैं।



Mobile Friendliness Test



इससे आपको पता चल जायेगा कि आपकी site Mobile Friendliness है या नहीं।



9. XML Sitemap Optimize करें


SEO करने का एक जरूरी काम है कि XML Sitemap Optimization.



यह एक XML File होती है जो कि आपकी site के pages का एक structure होता है।



Sitemap HTML और अन्य तरह का भी होता है।



अगर आपकी site WordPress पर है तो आप Yoast SEO Plugin की मदद से यह काम कर सकते हैं।



आप manual भी यह काम कर सकते हैं।आप XML Sitemap Generator से XML Sitemap बना सकते हैं। आपको इस sitemap को बनाने के बाद इसे Google Search Console में submit करना होगा।


Google Search Console Sitemap

10. 404 Errors को Fix करें

अगर आपकी site पर कोई ऐंसा page था जिस पर traffic आता था लेकिन आपने उस को किसी कारण से delete कर दिया है तो वह 404 error बन जाता है।

अगर आपके blog पर ऐंसे pages हैं तो आपको इस error को fix करना चाहिए।

आप google के removal tool की मदद से इस तरह के pages को google से हटा सकते हैं। यदि आपने वह post फिर से लिख ली है या उससे related ही कोई post लिखी है तो आप page की link को नए page पर redirect कर सकते हैं।

11. Broken Link को Fix करें

हम हमेशा अपने blog में दूसरी sites को link करते हैं। जब हम किसी site को link देते हैं और वो page delete हो जाता है या वो site बंद हो जाती है और वह link अभी भी आपकी site पर है तो वह एक Broken Link होगी।

आपको इस तरह की सभी links को find करके अपने blog से हटाना होगा।

आप इसके लिए Broken Link Checker का उपयोग कर सकते हैं।

12. Google Search Console में submit करें

यह technical SEO का part नहीं है लेकिन यह बहुत जरूरी है कि आप अपनी site को Google Search Console में submit करें।

Google Search Console एक ऐंसा टूल है जिसकी मदद से आप अपने ब्लॉग को गूगल से जोड़े सकते है और अपने ब्लॉग के आर्टिकल्स को गूगल में इंडेक्स करा सकते हैं।

मैंने आपको इसे technical SEO में इसलिए बताया है क्योंकि इसमें आप technical SEO में आने वाली परेशानी को monitar कर सकते हैं।

इसके अलावा इसकी मदद से आप अपने ब्लॉग को मैनेज कर सकते है। आप Google से आने वाले ट्रैफिक को और अपने आर्टिकल्स की रैंकिंग को चेक कर सकते हैं।

Google Search Console

Google Search Console

Technical SEO की पूरी जानकारी के लिए यह पोस्ट पढ़ें। इसमें Technical SEO करने की पूरी  जानकारी है: What is Technical SEO? Best Practices for Higher Rankings

On-Page SEO Kaise Kare

On Page SEO तब करते हैं जब आप किसी keyword पर अपनी किसी Specific post या page को रैंक कराना चाह रहे हों। लेकिन Post लिखने से भी पहले एक काम करना होता है जो कि है Keyword Research.

Keyword Research क्या है और कैसे करें?

Keyword जिसको टारगेट करके आप अपनी पोस्ट लिखते हैं मतलब कि आप जिस keyword पर अपनी पोस्ट को रैंक कराना चाहते हैं। SEO की शुरुआत तब होती है जब आप अपनी ब्लॉग पोस्ट को लिखने की शरुआत कर रहे होते है।

Ubersuggest kya hai? - Ubersuggest एक All in one SEO tool है। आप इसकी मदद से Keyword Research, Domain Research, Backlink Research, SEO Audit, Keyword Tracking सकते हैं और बिलकुल Free tool है। Ubersuggest kya hai यह तो आप समझ होंगे।


Blog Post लिखने के लिए एक टॉपिक की जरूरत होती है लेकिन आपको उस टॉपिक को टारगेट करने के लिए एक कीवर्ड की जरूरत होती है जैसे कि "earn money online" आप अपने ब्लॉग के हिसाब से कुछ अच्छा कीवर्ड चुने और उसको सबसे पहले Ubersuggest में सर्च करें।



Ubersuggest

यह एक फ्री SEO टूल है जिससे की आप कीवर्ड रिसर्च कर सकते है। यह सटीक तो नहीं होता है लेकिन काफी हद तक डेटा सटीक ही होता है। आप कीवर्ड को एंटर करें और जिसभी कंट्री को टारगेट करके आपका Blog है वह चुन कर सर्च करें। 



Ubersuggest

अब आपको चार कॉलम्स दिखेंगे। इनमें से पहले कॉलम का मतलब है कि वह कीवर्ड कितने बार सर्च होता है। इसके हिसाब से यह कीवर्ड 135,000 बार मंथली सर्च होता है। 


इनमें से दुसरे कॉलम का मतलब है कि उस कीवर्ड की SEO डिफीकल्टी कितनी है। 1 से 30 तकके SEO डिफीकल्टी वाले कीवर्ड पर रैंक करना आसान होता है। 


इसके बाद SEO डिफीकल्टी बढ़ने के साथ साथ उस कीवर्ड पर रैंक करना मुश्किल होता जाता है। लेकिन Ubersuggest का यह डाटा सटीक नहीं होता है। 


इनमें से तीसरे कॉलम का मतलब है कि यदि आप Google को पैसे देते है यानी कि Google Adword का इस्तेमाल करते है तो आपको रैंक करने में कितनी दिक्कत होगी। 


इनमें से चौंथे कॉलम का मतलब है कि CPC मतलब कि यदि आप अपने ब्लॉग पर Google Adsense की ads लगाते है और कोई इस कीवर्ड पर आपकी ads पर क्लिक करता है तो आपको $17.34 मिलेंगे। लेकिन इस डाटा के मामले में यह टूल ज्यादा अच्छा नहीं है।



Ubersuggest

यदि आप किसी कीवर्ड पर क्लिक करते है तो आपको यह पता चल जायेगा कि उस कीवर्ड पर कोनसी साइट रैंक कर रहीं है, उन्हें कितना ट्रैफिक आता है, उन्होंने कितनी लिंक्स बनायीं है, साइट का डोमेन स्कोर क्या है और उस पोस्ट के सोशल शेयर्स कितने है। आपके लिए यह डाटा बहुत जरूरी है। 


आप कीवर्ड कर सटीक डाटा लेने के लिए Google Keyword Planner टूल का उपयोग करें क्योंकि Ubersuggest भी डाटा देने के लिए Google का ही सहारा लेता है। 


अब आप इस कीवर्ड को गूगल में सर्च करें। आप देख सकते है कि इस कीवर्ड पर जो पहला रिजल्ट है वह एक ad है जो की रैंक नहीं करती है। Google पैसे लेकर इनको रैंक कराता है। 


लेकिन यहां पर जो पहला रिजल्ट है वह इसलिए है क्यूंकि उसमें अच्छा SEO किआ है। आप इस ब्लॉग पोस्ट का सारा डाटा Ubersuggest में देख सकते है। 



Search Result by Google

अब आप इस पोस्ट को ओपन करें और इसको अच्छी तरह से देखें और टूल्स से एनालाइज़ करें। आप इसके बाद रैंक कर रहे दो तीन ब्लॉग  ओपन कर और उन्हें भी एनालाइज़ करें। 


अब आप जब भी उस कीवर्ड को टारगेट करके ब्लॉग पोस्ट लिखें तो आप उनसे बेहतर SEO  करने की कोशिश करें। 


मैं आपको जो SEO से जुडी चीजों को बताऊंगा आप उन चीजों को अपने कंपीटीटर ब्लॉग से अच्छा करने की पूरी कोशिश करें। 




जैसा कि आपको मैं बता चेक हूँ कि On-Page SEO क्या है। अब हम बात करेंगे कि On-Page SEO कैसे करेंगे। मैं आपको On-Page SEO से जुडी सारी बातें बताऊंगा जिसे कि आपको On-Page SEO करते वक़्त ध्यान रखना होगा। 

तो यह है On-Page SEO करने की स्टेप्स यानि कि SEO Friendly Article Kaise Likhe



1. Keyword Related टाइटल चुने 

किसी भी पोस्ट को लिखने के लिए सबसे पहला काम होता है एक अच्छा Title लिखना। 

आपको टाइटल लिखते वक्त उस टाइटल में अपने मुख्य कीवर्ड को इम्प्लीमेंट करना होगा। 


जैसे कि हमारा कीवर्ड है "earn money online" यदि आप इसको अपनी पोस्ट के टाइटल में इम्प्लीमेंट करते हैं तो आपका टाइटल कुछ इस प्रकार बनेगा "5 Ways to Earn Money Online Without Investment" आप इस तरह ही टाइटल में कीवर्ड को इप्लीमेंट करना है। 

आप टाइटल की लेंथ इतनी ही रखें। आप टाइटल ज्यादा लम्बा न लिखें। यदि आप ज्यादा लम्बा टाइटल लिख  देंगे तो वह Google में आधा ही शो करेगा और लोग उस पर कम क्लिक करेंगे। 

आप पूरी कोशिश करें कि आप इतने ही टाइटल में सारी जानकारी दे दें कि आपकी पोस्ट किस बारे में है और उसमें कीवर्ड भी इम्प्लीमेंट हो जाये। 

2. Keyword का इस्तेमाल करें

अब बात आती है पोस्ट लिखने की शुरुआत करने से। आप पोस्ट लिखने की शुरुआत कुछ इस तरह करे कि आप उसमें कीवर्ड को इम्प्लीमेंट कर दें। 

कीवर्ड को इम्प्लीमेंट करने के बाद आप कीवर्ड को बोल्ड कर दें। इसके बाद आप इस पहली या दूसरी लाइन को डिस्क्रिप्शन वाले ऑप्शन में पेस्ट कर दें। आप पूरी ब्लॉग पोस्ट में अपने कीवर्ड को जगह जगह इस्तेमाल करे। गूगल इससे समझ जायेगा कि आपका फोकस कीवर्ड क्या है। 

3. Permalink Keyword Related रखें 

पर्मालिंक का मतलब होता है कि आपकी ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल जैसे कि www.yourdomainname.com/permalink. आप अपने पर्मालिंक को कीवर्ड के रेलेटेड ही रखें। 

जैसे कि आपका कीवर्ड है "SEO Kya Hai" तो आपकी Blog Post का यूआरएल यानि की पर्मालिंक www.yourdomainname.com/seo-kya-hai.

यदि आप पर्मालिंक में ज्यादा लिख देंगे और कुछ भी लिख देंगे तो वह SEO फ्रेंडली पर्मालिंक नहीं है जैसे कि www.yourdomainname.com/what-is-seo-kya-hai-in-india123354 यह SEO फ्रेंडली पर्मालिंक नहीं है।


4. अच्छी Meta Description लिखें

जब कोई keyword सर्च होता है तो search result में किसी उस पोस्ट या site की तीन चीजें दिखती हैं title, description, और permalink.

तो आपको description को भी attractive बनाना होगा जिससे कि CTR बढे और आपको इसमें keyword को भी implement करना होगा।


5. Quality Content लिखें 

आप क्वालिटी कंटेंट लिखें क्योंकि यह SEO का सबसे महवपूर्ण कार्य है। यदि यह अच्छा नहीं होगा तो आप कितना भी SEO कर लें आप रैंक नहीं कर सकते हैं। 

यदि आप किसी इनसे कीवर्ड पर काम कर रहे है जिस कीवर्ड पर रैंक कर रहे ब्लॉग का कंटेंट कम है और लौ क्वालिटी का है तो आप उससे अच्छा कंटेंट लिखें। आप आसानी से रैंक कर जायेंगे।


यदि आप ऐंसे कीवर्ड पर काम कर रहें जिस पर रैंक कर रहे ब्लॉग का कंटेंट हाई क्वालिटी है तो आप उस ब्लॉग से लम्बा आर्टिकल लिखें और अच्छा लिखें। इस मामले में आप सिर्फ कंटेंट के आधार पर रैंक नहीं कर पाएंगे।


Quality Content वाली पोस्ट के लिए इस तरह से आर्टिकल लिखें

  1. सबसे पहले आर्टिकल को कहीं से भी कॉपी न करें
  2. content में ज्यादा word हो लेकिन फालतू के नहीं
  3. Images, Screenshots और Video इस्तेमाल करें
  4. Internal Linking करें
  5. कम से कम एक Outbound Link बनायें
  6. Image को Optimize करें


6. Images का Use करें 

यदि आप अपने ब्लॉग पर को गूगल में रैंक कराना चाहते हैं तो इमेजेस इस्तेमाल करना कंपलसरी है। यदि आप इमेजेस का उपयोग नहीं करते हैं तो आपका कंटेंट हाई क्वालिटी नहीं रहेगा। 

आपको ब्लॉग में एक इमेज का उपयोग थंबनेल के रूप में करना ही है यदि हो सकते तो आप और भी इमेजेस का उपयोग करें। यदि आप लोगों को कुछ सिखाते है तो आप उस पोस्ट में स्क्रीशॉट्स जरूर ऐड करें। 



7. Image में Title और Alt Text जरूर लिखें 

आप इमेजेज का इस्तेमाल करते वक्त इमेज में ऑल्ट टेक्स्ट, टैग जरूर लिखें। आप इसमें अपनी इमेज की जानकारी आप इसमें अपने कीवर्ड को या इमेज किस चीज की है इसकी जानकारी लिखनी है। 



8. Internal Linking करें

आप पोस्ट में थोड़ी थोड़ी दूरी पर अपने ब्लॉग के ही दुसरे आर्टिकल्स को लिंक करें। आप उन्हें इस तरह से लिंक करें कि जिससे लोग उस पर क्लिक करें। 

जैसा कि आपका कीवर्ड है Earn Money Online तो इसमें पैसा कमाने का एक अच्छा तरीका है Freelancing तो यदि आपने एक आर्टिकल इस टॉपिक पर लिखा है तो आप इस आर्टिकल की लिंक वहीं दे दें। इससे आपका एक विजिटर आप एक से ज्यादा पेज व्यूज देकर जायेगा। 


Google इस तरह के आर्टिकल को जल्दी रैंक करता है क्योंकि इस तरह किसी भी विजिटर के लिए आपके ब्लॉग पर कम्यूनिकेट करना आसान हो जाता है और Google यहीं चाहता है कि विजिटर को आसानी हो। 



9. User Interface अच्छा रखें

आप अपनी साइट को  Easy to Use और Clean रखें। यदि आप अपनी साइट को ज्यादा गन्दा रखेंगे तो यूजर आपकी साइट पर ज्यादा देर नहीं रुकेगा और वह बैक कर देगा और यह बाउंस बैक होगा जिसके कारण आपकी रैंकिंग काम हो जाएगी। 


आप अपनी पोस्ट में जरूरत से ज्यादा widgets की इस्तेमाल मत करें।



10. Post या Blog का Load Time कम करें

आप पेज की साइज जितनी कम रखेंगे आपकी पोस्ट उतनी ही जल्दी रैंक करेगी। यदि कोई विजिटर आपके ब्लॉग पर आता है और आपका पेज जल्दी लोड नहीं हुआ तो यूजर वापस चला जायेगा और  बाउंस बैक हो जायेगा। यदि आपके पेज का लोड टाइम कुछ ज्यादा ही होगा तो आपका Blog तो Google में वैसे भी रैंक  नहीं होगा।

अपने  अपने ब्लॉग या पोस्ट का लोड टाइम GTmetrix टूल की मदद से चेक कर सकते हैं। 


आप Google Page Speed Test से यह काम कर सकते हैं यह आपको बता देगा कि आपके पेज का Score क्या है यह चेक कर सकते हैं।


आप यह टेस्ट मोबाइल के लिए कर सकते हैं 
या डेस्कटॉप के लिए कर सकते हैं



Google Page Speed Test

यदि आप अपने ब्लॉग पोस्ट का लोड टाइम कम करना चाहते हैं तो आप अपने ब्लॉग की पोस्ट में ज्यादा कोड यानि की बेजरूरत चीजें, html code न जोड़ें। 


आप अच्छी वेब होस्टिंग का इस्तेमाल करें। आपकी ब्लॉग की थीम SEO फ्रेंडली हो। आपके ब्लॉग में फालतू का कचरा न भरा हो। 

आप जिन इमेजेस का उपयोग अपनी ब्लॉग पोस्ट में कर रहे हों आप उनका साइज जरूर कम कर लें। आप इमेजेस का साइज कम करने के लिए TinyPNG का उपयोग कर सकते हैं।



Off-Page SEO Kaise Kare

आपको यह तो मैं बता चूका हूँ कि Off-Page SEO क्या है। यह काम अन्य साइट्स की सहायता से किया जाता है। तो इस चीजों को फॉलो करके आप Off-Page SEO कर सकते हैं। 


1. Directory Submission

Directory Submission किसी भी ब्लॉग के लिए बहुत ही जरूरी काम है। इसके बहुत ही ज्यादा फायदे होते है। इससे आपका ब्लॉग गूगल सर्च में जल्दी आता है, आपका ब्लॉग जल्दी रैंक करता है, आपके ब्लॉग को बैकलिंक मिल जाती हैं और बहुत से फायदे आपको इससे मिलते हैं। 

आप Directory Submission का काम Free Web Submission टूल से कर सकते हैं। 

2. link building करें

आज के वक्त में SEO के अंदर लिंक्स की जरूरत बहुत कम है। SEO में 90 परसेंट On Page SEO ही मैटर  करता है। लेकिन यदि दो ब्लॉग एक जैसा ही On Page SEO करते है तो कौन रैंक करेगा। 

इस स्थिति में लिंक्स से तय होता है कि कौन ऊपर रैंक करेगा। इसके अलावा लिंक्स आप ब्लॉग और ब्लॉग पोस्ट को इंडेक्स करने में भी मदद करता है। बैकलिंक्स का मतलब है कि आपके ब्लॉग या पोस्ट की लिंक अन्य साइट्स पर होना। 


जैसे कि यदि आप पोस्ट लिखते वक्त किसी अन्य ब्लॉग की लिंक देते हैं तो उस ब्लॉग को एक बैकलिंक मिलेगी। (Backlink Kya Hai)

बैकलिंक्स दो प्रकार की होती है 

Dofollow Backlink - यह Page के HTML Source में ऐंसी दिखती है 


 <a href="https://www.howtoall.in">How To All</a>

लिंक बिल्डिंग का मतलब Dofollow Backlink बनाना ही होता है क्योंकि इससे ही आपके ब्लॉग को फायदा होता है। 

Nofollow Backlink - यह Page के HTML Source में ऐंसी दिखती है 



 <a href="https://www.howtoall.in" rel="nofollow">How To All</a>

इस तरह की लिंक्स बनाने से आपके ब्लॉग को ज्यादा फायदा नहीं होगा। 

लिंक बिल्डिंग Off Page SEO का सबसे महत्वपूर्ण काम है। 

बैकलिंक वह ही काम करती है मतलब आपको फायदा वही देती है जो कि अच्छी साइट पर हो और वह एक्टिव हो। इसके अलावा यदि कोई उस लिंक का इस्तेमाल करके आपकी साइट पर आता है तो आपको बैकलिंक का ज्यादा फ़ायदा मिलता है। 



3. Guest Posting करें

गेस्ट पोस्टिंग का मतलब है किसी के ब्लॉग के लिए एक पोस्ट लिखना। गेस्ट पोस्ट से आप बहुत से फायदे ले सकते है। यदि आप किसी ब्लॉग पर गेस्ट पोस्ट लिखते है तो आप उस पोस्ट में अपने ब्लॉग पोस्ट की लिंक जोड़ सकते है और एक Do Follow Backlink ले सकते हैं। यदि उस ब्लॉग पर ट्रैफिक अच्छा है तो आपकी पोस्ट को बिना कुछ करे ट्रैफिक मिल जायेगा। 


4. Social Media Submission करें

आप अपनी ब्लॉग पोस्ट को Facebook, Twitter और क्वोरा जैसे सोशल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करें। इससे आपकी पोस्ट पर थोड़ा ट्रैफिक आ जायेगा क्यूंकि आपकी ब्लॉग पोस्ट तुरंत Google में रैंक नहीं होगी और यह Google में ब्लॉग को रैंक करने के लिए बहुत ही जरूरी है।

यह भी पढ़ें: Quora Kya Hai, SEO Tips In Hindi



SEO करें

तो इस पोस्ट में मैंने आपको पूरी तरह से बता किया है कि SEO Kya Hai और SEO Kaise Karte Hai तो आप यदि इन सारी चीजों को बारीकी से फॉलो करते हैं तो आप आसानी से किसी भी कीवर्ड पर रैंक कर जायेंगे। आप जब भी SEO करें तो आप इन चीजों को ध्यान में रखें।

आप सबसे पहले उस कीवर्ड पर रैंक कर रहे ब्लॉग को देखें और अपनी ब्लॉग पोस्ट का SEO करते वक्त उस ब्लॉग से अच्छा SEO करें। मतलब कि बात यह है कि आप SEO करने से रैंक नहीं होंगे आप पहले से रैंक कर रहे ब्लॉग से अच्छा SEO करने से रैंक होंगे। 

आप एक दम से SEO नहीं सीख जायेंगे। आप जब ब्लॉग पोस्ट लिखेंगे और SEO करने की कोशिश करेंगे तो आप धीरे धीरे SEO की बारीकी को समझेंगे और एक वक्त आप SEO अच्छी तरह से सीख जायेंगे। 

यदि आपके मन में अभी भी कोई सवाल है तो आप मुझसे कमेंट में जरूर पूंछें मैं आपके सवाल कर जवाब जरूर दूंगा।

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